विशेष- तरक्की में अब नहीं आर्थिक बाधा: बेरोजगारी भत्ता योजना बनी वरदान, 1 लाख से अधिक युवाओं के चेहरे पर बिखरी मुस्कान

फीचर स्टोरी। छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के भविष्य के मद्देनजर नए-नए रास्ते खोल रही है, ताकि रोजगार मिले, उनका भविष्य उज्जवल हो, युवाओं के हाथों में काम हो. इन सबके लिए भूपेश सरकार बेरोजगारी भत्ता चालू की है, ताकि पढ़ाई कर रहे और नौकरी की तैयारी में लगे युवाओं को आर्थिक मदद मिल सके. प्रदेश के ऐसे युवा जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी सहित अन्य खर्चे उठाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है. इस योजना के तहत मिली राशि से वे अपनी जरूरतें पूरी कर पा रहे हैं. यह योजना अनेक युवाओं के भविष्य को एक नया आयाम देने में सहायक बन गया है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अब तक 1 लाख 16 हजार से ज्यादा युवाओं के खाते में लगभग राशि 80.64 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर युवाओं के चहेरे पर मुस्कान बिखेरी है. इस योजना के तहत युवाओं को ट्रेनिंग देने की भी सुविधा है, जिससे उनको रोजगार मुहैया कराया जा सके. 2500 रुपए मिलने से बेरोजगार युवाओं की अपने माता-पिता व अन्य पर निर्भरता कम हो रही है. इस योजना को लेकर युवाओं का कहना है कि उनके संघर्ष के दिनों का दर्द कुछ कम हो रहा है. जेब खर्च के कारण परिवार पर निर्भरता से कुछ राहत मिल रही है.

बेरोजगारी भत्ते की कहानी बेरोजगारों की जुबानी

बेरोजगारी भत्ते को लेकर धमतरी जिले के रूद्री के पास का गांव बरारी के गजानंद ध्रुव ने कहा कि मेरे माता पिता पत्थर की खदान में रोजी मजदूरी करते हैं. मजदूरी कर मेरी शादी किए हैं. मै खुद किराया भंडार में काम करता हूं. आगे की पढ़ाई में पैसा नहीं होने के कारण से बाधा हो रही थी. बेरोजगारी भत्ता मिलने से अब मैं खुश हूं. पैसे से मैं पढ़ाई के लिए कॉपी-पुस्तक खरीद लेता हूं, जो पैसा बच जा रहा उससे समान भी खरीद लेता हूं. आगे की पढ़ाई अब बांधा नहीं होगी.

80 करोड़ से ज्यादा रुपए की आर्थिक सहायता

भूपेश सरकार राज्य में अप्रैल से बेरोजगारी भत्ता दे रही है. तीन महीनों में राज्य सरकार ने बेरोजगार युवाओं के खातों में 80 करोड़ 64 लाख 25 हजार रुपए राशि सीधे भेजी है. बता दें कि पहली किस्त के रूप में राज्य सरकार ने 66265 बेरोजगार युवाओं को 17.50 करोड़ रुपए दिए थे. दूसरे किस्त के रूप में 1 लाख 5 हजार से अधिक बेरोजगार युवाओं को 32.35 करोड़ रुपए और तीसरे किस्त के रूप में 116737 युवाओं को 31.69 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं.

कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से 3 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण

राज्य सरकार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने के साथ ही कौशल प्रशिक्षण भी दे रही है. इसके तहत मशीन ऑपरेटर, टैक्सी ड्राईवर, डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर आदि ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. राज्य के विभिन्न संस्थानों में 3318 से ज्यादा युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.

भत्ते की पात्रता

आयु सीमा 18 से 35 वर्ष
2.5 लाख रुपए तक परिवार की वार्षिक आय
1 अप्रैल 2023 को 2 वर्ष पुराना रोजगार पंजीयन
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
मूल निवासी प्रमाण पत्र
जन्मतिथि के लिए 10वीं की मार्कशीट/ प्रमाणपत्र
12 वीं की मार्कशीट/ प्रमाणपत्र
आधार कार्ड और रोजगार पंजीयन कार्ड

पासपोर्ट साइज फोटो

गत 1 वर्ष की परिवार की आय का प्रमाण पत्र
आवेदन की प्रक्रिया
केवल ऑनलाईन आवेदन
रोजगार कार्यालय के पंजीयन क्रमांक
मोबाइल नंबर अनिवार्य
आधार अगर राशन कार्ड में ना हो तो आधार कार्ड अनिवार्य
बैंक खाता जानकारी डी.बी.टी. के लिये
कौशल प्रशिक्षण हेतु चॉयस

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