12 जातियों को जनजातियों की सूची में शामिल किए जाने पर सीएम बघेल का बड़ा बयान, कहा- हमने किया प्रयास, तब मिली सफलता

नेहा केसरवानी, रायपुर। 12 जातियों को जनजातियों की सूची में शामिल किए जाने के पीछे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने प्रयासों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भाजपा के द्वारा पत्र लिखा गया था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. मैने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा, जिसके बाद यह सफलता हासिल हुई है. डबल इंजन की सरकार थी, लेकिन रमन सिंह की चलती नहीं थी. हमने प्रयास किया तब जाकर सफलता मिली है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि आदिवासियों जातियों की सूची में शामिल किए जाने पर अरुण साव बोल रहे हैं कि 10 लाख लोगों को लाभ मिलेगा, वहीं केंद्रीय मंत्री 72,000 लोगों को लाभ मिलने की बात कह रहे हैं. भाजपा केवल लाभ लेने का काम कर रही है, पर हमने कई पत्र लिखे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि UPA सरकार ने 2008 में ही गारंटी दी थी, जिसमें 5 योजनाएं थी. केंद्र के रेशियो का अंतर पहले ज़्यादा था, अब बहुत कम हो गया है. एक अप्रैल से हमने आर्थिक सर्वेक्षण कराया, जिसमें सबको लाभ मिलेगा. दिल्ली की सरकार ने महंगाई, काला धन, रोज़गार देने जैसे तमाम बातें कही थी, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं.

मणिपुर में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के दौरे पर कहा कि यदि दौरा दिखावा है तो स्वयं क्यों कमेटी बनाते हैं. वहीं प्रदेश में बाघों की संख्या को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ का ट्रांजिट बना हुआ है. बाघ आते-जाते रहते हैं. वहीं गौठान को लेकर कहा कि मिनरल्स का पैसा हम ज़्यादा देते हैं, पर हमें कम मिलता है. भाजपा के दो मज़बूत साथी ED और IT हैं.

विधायकों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारे अधिकांश विधायकों की रिपोर्ट ठीक है, तभी तो हमारी सरकार रिपीट होगी. भाजपा समझ गई है कि राज्य सरकार के लिए खिलाफ जो भी करेंगे वो उल्टा ही पड़ेगा, इसलिए अब विधायकों को टारगेट किया जा रहा है.

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