MP: अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद, दबंगई से कर जमीन पर कब्जा, पीड़ित पक्ष परेशान, प्रशासन मौन  

दुर्गेश गुलशन यादव,जवा (रीवा)  सरकारी जमीन व निजी जमीनों में हो रहे अतिक्रमण और अवैध कब्जा हटाने को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी गंभीर नजर नहीं आ रहे है। शिकायतों को कागजों पर ही निस्तारित कर कोरम पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। राजस्व विभाग के अधिकारियों पर शासन का निर्देश व जिलाधिकारी के आदेश का भी कोई असर नहीं हो रहा है।

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अतिक्रमण व अवैध कब्जे के मामले को लेकर शासन की ओर से की गई कवायद जिले में पूरी तरह फ्लॉप है, खासकर राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इसको लेकर जरा भी गंभीर नहीं हैं। इतना ही नहीं शिकायतों को राजस्व विभाग के अधिकारी मनमानी तरीके से निस्तारित कर कोरम पूरा करने का काम करते हैं। आलम यह है कि दबंग आज भी सार्वजनिक और कमजोर लोगों की जमीनों पर कब्जा जमाए बैठे हैं और प्रशासन इसके आगे बौना साबित हो रहा है। कई मामलों में तो राजस्व विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता को मामले के निस्तारण के लिए मुकदमा दायर करने का सुझाव देकर उसकी शिकायतों को निस्तारित कर देते हैं।

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आखिर पूरा मामला क्या है…

दरअसल मामला रीवा जिले के तहसील जवा के अंतर्गत वृत डभौरा का है। जिसमे ग्राम नष्टिगवा निवासी राजबहोर यादव एवं शिवबहोर यादव पिता स्व रामसुफल यादव की पुस्तैनी भूमस्वामित्व की भूमि आराजी नम्बर 618/3 रकवा 0.081 हेक्टेयर पर नष्टिगवा के ही सरहंग व्यक्ति बुद्धिलाल यादव पिता केमला यादव द्वारा बलपूर्वक कब्जा कर लिया गया है। जिसकी फरियाद पीड़ितों द्वारा न्यायालय तहसीलदार वृत डभौरा में विधि सम्मत तरीके से की गई। न्यायालय तहसीलदार वृत डभौरा द्वारा उक्त आराजी नम्बर  के सम्पूर्ण भू-भाग से अवैध कब्जाकर्ता बुद्धिलाल यादव को 10 अप्रैल 2023 को बेदखल किये जाने का आदेश पारित किया गया। साथ ही अवैध कब्जाकर्ता को आवेदित भूमि के सम्पूर्ण भू भाग से अपना अवैध कब्जा स्वतः हटाकर न्यायलय को सूचित करने का निर्देश दिया गया। इतना ही नही राजस्व निरीक्षक एव हल्का पटवारी नाष्टिगवा तथा थाना प्रभारी पनवार को पत्र जारी कर अनावेदक का अवैध कब्जा को 15 दिन के अंदर हटवा कर आवेदकगणों का कब्जा पुनर्स्थापित कराने और पालन प्रतिवेदन न्यायलय में देने को कहा गया।

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लेकिन बेदखली आदेश के 100 दिन बीत जाने के बाद भी न्यायालय तहसीलदार,राजस्व अमला एव पुलिस महकमा अवैध अतिक्रमणकर्ता का कब्जा हटाने में नाकाम रहा। जबकि आदेश में समय-सीमा स्पष्ट रूप से 15 दिवस ही दी गयी थी। पीड़ित पक्ष तहसील कार्यालय का चक्कर लगा के थक-हार कर कलेक्टर जनसुनवाई मे 9 मई 2023 को कलेक्टर रीवा की शरण मे गुहार लगाई। 1427 क्रमांक में दर्ज पीड़ित की फरियाद 70 दिनों से जनसुनवाई में कैद है।परंतु राजस्व अमला अतिक्रमण हटाने में असफल सिद्ध हुआ।

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दुर्भाग्य है कि तानाशाह पटवारी रामप्रसाद माझी और प्रभारी राजस्व निरीक्षक जैनेंद्र दहिया वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों को दरकिनार कर उक्त कब्जे को अतिक्रमण मुक्त कराने में विफल साबित होते दिख रहे हैं। साथ ही कलेक्टर जनसुनवाई एवं सीएम हेल्पलाइन जैसी जनहितकारी योजनाएं भी शिकायतकर्ता की सही तरीके से मदद नहीं कर सकी, जो निश्चित तौर पर गंभीर लापरवाही प्रतीत होती दिख रही है।

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